नदी के उस पार तुम – Sad Love Story in Hindi

 

sad love story in hindi

काव्या को गाँव छोड़े सात साल हो चुके थे।

सात साल में उसने शहर बदला, नौकरी बदली, अपना नंबर बदला… लेकिन एक चीज़ नहीं बदल पाई—

हर बार किसी नदी के पास खड़ी होती, उसे नील याद आ जाता।

और उस शाम, जब वह अपने पिता की बरसी के लिए वापस गाँव लौटी, नदी के पुराने घाट पर वही लड़का खड़ा था।

बस अब वह लड़का नहीं रहा था।

नील ने काव्या को देखते ही पहचान लिया।

उसकी आँखें कुछ सेकंड उसके चेहरे पर ठहरीं… फिर होंठों पर एक बहुत हल्की मुस्कान आई।

“तुम सच में वापस आ गई।”

काव्या ने जवाब देने की कोशिश की, मगर आवाज़ नहीं निकली।

क्योंकि सात साल पहले भी नील ने यही कहा था—

“तुम सच में चली जाओगी?”

और तब उसने बिना पीछे देखे हाँ कर दी थी।

sad love story in hindi

नील पहले से शांत हो गया था।

पहले वह काव्या को देखते ही बोलना शुरू कर देता था। बेवजह हँसाता, उसके बाल खींच देता, हाथ पकड़कर घाट की आखिरी सीढ़ी तक ले जाता।

आज वह बस उसके पास बैठ गया।

दोनों के बीच एक सीढ़ी का फासला था।

काव्या ने नदी की तरफ देखते हुए पूछा,
“शादी कर ली?”

नील हँसा नहीं।

“नहीं।”

“क्यों?”

“तुमने?”

काव्या की उँगलियाँ साड़ी के पल्लू पर कस गईं।

“अगले महीने है।”

पहली बार नील ने उसकी तरफ पूरा मुड़कर देखा।

कुछ नहीं कहा।

बस देखा।

उस एक नज़र में ऐसा कुछ था कि काव्या को लगा, सात साल से जो दर्द उसने किसी बंद कमरे में छिपाकर रखा था, उसका दरवाज़ा किसी ने अचानक खोल दिया है।

“अच्छा है,” नील ने आखिर कहा।

काव्या ने उसकी आँखों में देखकर पूछा,
“सच?”

नील ने नदी की तरफ नज़र फेर ली।

“तुम्हें सच सुनना कब पसंद था?”

वही पुराना नील।

और वही पुरानी चोट।


रात को घर में रिश्तेदार थे। आवाज़ें थीं। खाना था। बरामदे में पुराने लोग पिता की बातें कर रहे थे।

लेकिन काव्या का ध्यान बार-बार बाहर जा रहा था।

करीब ग्यारह बजे वह चुपचाप घर से निकल गई।

नदी तक पहुँचते-पहुँचते हवा ठंडी हो चुकी थी।

नील वहाँ पहले से था।

“तुम्हें कैसे पता मैं आऊँगी?” काव्या ने पूछा।

“तुम जब परेशान होती थीं तो यहीं आती थीं।”

“सात साल हो गए।”

“कुछ आदतें सात साल में नहीं बदलतीं।”

काव्या उसके सामने जाकर खड़ी हो गई।

“और कुछ लोग?”

नील की आँखें उसकी आँखों में टिक गईं।

“वो भी नहीं।”

हवा ने काव्या का पल्लू कंधे से थोड़ा सरका दिया। उसने संभालने के लिए हाथ उठाया, लेकिन नील ने उससे पहले उसे पकड़ लिया।

उसने पल्लू धीरे से वापस उसके कंधे पर रखा।

उँगलियाँ एक पल उसके कंधे के पास ठहरीं।

काव्या की साँस हल्की-सी अटक गई।

नील ने तुरंत हाथ पीछे कर लिया।

“Sorry.”

“मत बोलो।”

“क्या?”

“Sorry.”

दोनों फिर चुप।

फिर काव्या ने बहुत धीरे कहा—

“कम-से-कम आज तो मुझे ऐसे मत देखो।”

नील एक कदम पास आया।

“कैसे?”

अब उनके बीच मुश्किल से कुछ इंच थे।

“जैसे…” काव्या की आवाज़ टूट गई, “जैसे तुम्हें अब भी फर्क पड़ता है।”

नील ने उसका चेहरा देखा।

“और अगर पड़ता हो?”

            Ise bhi padhen- सावन की उस रात – Village True Love Story in Hindi

sad love story in hindi

काव्या ने नज़रें नहीं हटाईं।

“तुमने मुझे रोका क्यों नहीं था?”

नील ने जैसे सवाल सुना ही नहीं।

“उस दिन स्टेशन पर…”

“तुम्हारे पापा ने मुझे एक रात पहले बुलाया था।”

काव्या जम गई।

नील ने पहली बार वह बात कही, जो सात साल से उसके भीतर दबी थी।

“उन्होंने कहा था कि अगर मैं तुमसे सच में प्यार करता हूँ… तो तुम्हें जाने दूँ।”

काव्या की आँखें भर आईं।

“और तुम मान गए?”

“मैं तेईस साल का था, काव्या। नौकरी नहीं थी। घर कर्ज़ में था। तुमको शहर में scholarship मिली थी।”

उसने एक फीकी मुस्कान दी।

“मुझे लगा मैं sacrifice कर रहा हूँ।”

“नहीं,” काव्या ने उसके सीने पर हथेली रख दी, “तुमने मेरे लिए फैसला किया था।”

नील ने नीचे उसकी हथेली देखी।

फिर काव्या की आँखों में।

उसने उसे हटाया नहीं।

“तुम भी तो चली गई थीं।”

“क्योंकि मुझे लगा तुम्हें फर्क ही नहीं पड़ा।”

काव्या की आवाज़ अब काँप रही थी।

“मैं ट्रेन में छह घंटे रोई थी, नील।”

नील ने आँखें बंद कर लीं।

कुछ सेकंड बाद उसका हाथ धीरे से काव्या की कलाई तक आया।

फिर उसकी उँगलियों को थाम लिया।

“और मैं स्टेशन से छह घंटे तक गया ही नहीं था।”

काव्या की आँख से आँसू निकल गया।

नील ने अंगूठे से उसकी आँख के नीचे की नमी पोंछी।

बस इतना सा स्पर्श था।

लेकिन काव्या आगे बढ़ी।

उसका माथा नील की छाती से टिक गया।

नील ने उसे तुरंत नहीं पकड़ा।

जैसे अनुमति का इंतज़ार कर रहा हो।

फिर उसकी बाँहें धीरे से काव्या के चारों ओर आ गईं।

काव्या ने आँखें बंद कर लीं।

सात साल बाद पहली बार उसे लगा कि वह किसी ऐसी जगह खड़ी है जहाँ से वह कभी जाना ही नहीं चाहती थी।

sad love story in hindi

काव्या ने सिर उठाया।

दोनों इतने करीब थे कि शब्द की जरूरत नहीं थी।

नील की उँगलियाँ उसके चेहरे के पास आईं और बालों की एक लट कान के पीछे कर दी।

काव्या ने उसका हाथ पकड़ लिया।

“मुझे मत छुओ।”

नील तुरंत पीछे होने लगा।

लेकिन काव्या ने उसका हाथ छोड़ा नहीं।

“क्योंकि अगर तुमने अभी मुझे छुआ…” उसने उसकी आँखों में देखते हुए कहा, “…तो शायद मैं जाना नहीं चाहूँगी।”

नील की साँस भारी हुई।

“तो मत जाओ।”

वही तीन शब्द।

सात साल देर से।

काव्या ने उसके कुरते का कपड़ा मुट्ठी में पकड़ लिया।

“इतना आसान नहीं है।”

“क्यों?”

“क्योंकि कोई और मुझसे शादी करने वाला है… जिसने मेरा कुछ नहीं बिगाड़ा।”

नील के चेहरे पर दर्द आया, मगर उसने कुछ नहीं कहा।

काव्या की आँखें उसके होंठों तक गईं।

फिर वापस आँखों पर।

यह गलत था।

दोनों जानते थे।

लेकिन सात साल के अधूरे प्यार के सामने सही और गलत कुछ सेकंड के लिए बहुत छोटे लगने लगे।

नील ने उसके माथे पर होंठ रखे।

लंबा, धीमा चुंबन।

फिर वह पीछे हटने ही वाला था कि काव्या ने उसका चेहरा पकड़ लिया।

और पहली बार उसने खुद उसे चूमा।

कोई जल्दबाज़ी नहीं।

कोई भूख दिखाने की कोशिश नहीं।

सिर्फ दो लोग… जो शायद आखिरी बार उस प्यार को महसूस करना चाहते थे जो कभी उनका हो सकता था।

नील का हाथ उसकी कमर पर आकर ठहर गया। काव्या की उँगलियाँ उसके बालों के पीछे तक चली गईं।

चुंबन थोड़ा और गहरा हुआ।

फिर काव्या खुद अलग हो गई।

आँखें बंद थीं।

“बस।”

नील ने उसकी कमर से हाथ हटा लिया।

“हाँ।”

दोनों की साँसें अभी भी तेज़ थीं।

लेकिन उस ‘बस’ के बाद जैसे दोनों समझ गए—

प्यार अभी भी था।

पर शायद जिंदगी अब कहीं और पहुँच चुकी थी।

sad love story in hindi

अगली सुबह काव्या को शहर लौटना था।

बस स्टैंड पर नील नहीं आया।

काव्या ने उम्मीद भी नहीं की थी।

लेकिन बस चलने से कुछ सेकंड पहले खिड़की के बाहर एक बाइक रुकी।

नील उतरा।

वह भागकर नहीं आया।

बस दूर खड़ा रहा।

काव्या ने खिड़की से उसे देखा।

नील ने हाथ उठाया।

वही छोटा-सा gesture, जो वह कॉलेज के दिनों में हर बार करता था।

काव्या हँसी।

आँखों में आँसू भर गए।

फोन vibrate हुआ।

नील का message था—

“इस बार तुम्हें रोक सकता था… लेकिन प्यार हमेशा किसी को अपना बना लेना नहीं होता।”

काव्या ने बहुत देर तक स्क्रीन देखी।

फिर reply किया—

“और भूल जाना भी नहीं।”

बस चल पड़ी।

नील छोटा होता गया।

फिर मोड़ के पीछे गायब हो गया।

तीन महीने बाद काव्या की शादी हो गई।

नील उस शादी में नहीं आया।

और काव्या ने फिर कभी उससे बात नहीं की।

लेकिन कई साल बाद भी, जब पहली बारिश के बाद नदी की मिट्टी जैसी खुशबू हवा में आती…

वह कुछ सेकंड के लिए आँखें बंद करती।

और उस रात के घाट पर लौट जाती।

जहाँ उसका पहला प्यार आखिरी बार उसका हुआ था।

और शायद इसी वजह से कुछ प्रेम कहानियाँ शादी तक नहीं पहुँचतीं…

वे बस जिंदगी भर हमारे भीतर रह जाती हैं।

sad love story in hindi

             Ise bhi Padhen- उस रात तुम बहुत करीब थे – Romantic Love Story in Hindi





More Stories

0 Comments